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  • तबियत ख़राब है
    जहॉ भक्ति के प्रेम में मुखौटों का हिजाब है वहॉ तबियत ख़राब है जहॉ आज़ादी का दिखावा है और सोच ही गुलाम है वहॉ तबियत ख़राब है इंसानो से ज़्यादा जहॉ मंदिरों से प्यार है वहॉ तबियत ख़राब है जहॉ पण्डे पुजारी या मौलवी आबाद है वहॉ तबियत ख़राब है किताबों से ज़्यादा जहॉ धर्म […]
  • भक्ति,प्रेम और मंदिर
    “Whole life Budhha said there is no God , when he died people made him God” तो शुरू इस प्रकार करता हूँ ! मेरे गॉव मे मंदिर निर्माण के लिये चंदा इकट्ठा किया जा रहा है । पिछली दफ़ा भी किया गया जिसमें शायद इक्कीस लाख रूपये ऐकत्रित हुऐ । ऐक समीती का निर्माण हुआ […]
  • How to invest your time ?
    Hello Guys! Time is a valuable thing. If you do not understand your craft your effort will become waste. You have so much of energy and potential in you. Biggest problem is that you don’t understand where to invest energy and time. I will be talking about opportunities and scopes in different areas where you […]
  • Role of positive attitude in Life
    Hello friends ! How are you ? I hope you all are doing really well. Guys this is really a tough time and there are lot of uncertainty all around. In my previous blog I had talked about life that how it works on “Adventure of a silent mind”. You have to understand one thing that […]
  • “Adventure of a silent mind”
    I would explore my mind on various aspects of life and having a sense of acceptance that you might differ with my opinion. When I was in a college one day my friend told me “Yaar tu badi badi baatein nahi karta hai kya” I humbly replied that I have nothing to lose and I […]
  • वायरस 🦠virus🦠
    समझोगे ये क्या है ? ये हिन्दू -मुस्लिम से बड़ा है ये जातिवाद से बड़ा है ये आज़ादी से बड़ा है ये शिव शंकर से बड़ा है अल्लाह , अजान से बड़ा है मैरी -जीसस से बड़ा है ये राजनीती से बड़ा है ये चमचागिरी से बड़ा है ये धोखाधड़ी से बड़ा है शाहीनबाग से […]
  • क्या बात है ?
    कभी जीत की तमन्ना लिये उठ जाओ तो क्या बात है ….।। कभी ठान लो नेकी की राह तो क्या बात है ……।। कभी बॉट लो हिस्से की थोड़ी ख़ुशी तो क्या बात है …….।। कभी बुझ गये सपनों को नये पंखो से उड़ा दो तो क्या बात है …… !! कभी रूठे हुऐ साथी […]
  • मैं और तू
    (When you have love in your heart , you will have peace in your mind ~ thelostmonk )   मैं बादल का घेरा हूँ और तू रिमझिम सी वर्षा है मैं बिखरा सा ऐक तिनका हूँ और तू फूलो की छाया है मैं मिट्टी की मूरत हूँ तू ख़ुशियों की काया है । मैं दीपक […]
  • कौन हूँ मैं ?
    (A life of a spy ) मैं सुदृढ़ तो राष्ट्र सुदृढ़ होगा , मैं कमजोर तो , राष्ट्र बिखरेगा । राष्ट्र सुरक्षा की अलग परिभाषा हूं मैं, कर्तव्यनिष्ठा की जैसे व्याख्या हूं मैं , प्रखर ,प्रचण्ड , चाणक्य का नाम हूं, तेजस्वी सूरज हूं लेकिन गुमनाम हूं । मरू की तेज धूप मे भीे तपता […]
  • फ़र्क़
    फ़र्क़ अब तेरे समझने का है वरना मेरा मिलना भी तो तेरी दुआओं का क़बूल होना ही था …! फ़र्क़ तेरी मोहब्बत का है वरना कौन से तराज़ू में वफ़ा का पैमाना होता है …!! फ़र्क़ इस बात का है कि तुम कहती थी कि “सुबह शाम डर लगता है कि तुम ! चले न […]
  • बारह आने
    (If you find my stories dirty , the society you are living in is dirty ~ Munto ) वक़्त का पहिया भी बड़ा अजीब है ऐसे दौड़ता है कि पता भी नही चलता कि समय कैसे बीत गया । पीछे मुड़कर देखता हूँ तो ऐसा लगता है कि कल की तो बात है , ऐसा […]
  • उधडे जूते
    मैं ऐक छोटे से क़स्बे मे रहता था । गॉव मे जातपात , छुआ छूत और अंधविश्वास के ढकोसलों का पूरा वातावरण था । गॉव मे सवर्ण (राजपूत ऐवम् ब्राह्मण) तथा हरीजन सब मिलकर रहते थे । मैं छोटी जाती से था । मेरे परिवार मे माता पिता तथा ऐक बडी बहन और मैं , […]
  • बुद्ध का धम्म् और अंगूलीमाल
    2500 साल पहले मगध राज्य मे ऐक बालक जिसका नाम अंहिसक था वह तक्षशिला मे अपनी शिक्षा दिक्षा ग्रहण कर रहा था । वह अपने सभी मित्रों मे सबसे अव्वल था जिससे जल्द ही वह समस्त आचार्यों का प्रिय हो गया । कुछ छात्र उसकी तरक़्क़ी से इतने दुखी हुये की उन्होंने बालक के प्रति […]
  • अनिच्चा. Impermanence
    “ऐक छोटी सी कहानी” There was a beautiful couple in the village . Husband was so much fascinated of his wife’s beauty. He used to praise her beautiful golden hair and her shining teeth. He used to compare her hair to cascade of gold and her teeth to the ocean of pearls. One day this […]
  • Happiness is a choice 💫
    I have always been a explorer , a life experimentalist , a storyteller and a poet. As a learner I have set my boundaries to find out my way to go ahead with clarity. I will find answers for the all the why’s because I intended to and I’m sure of it that life is […]
  • क्रान्ति ( A short story of a thought)
    2008 की बात है यशराज और उसका छोटा भाई वीरप्रताप सिंह कॉलेज की छुट्टियाँ ख़त्म करके गॉव से शहर की ओर लौट रहे थे । सुबह सुबह रेलवे स्टेशन पहुँचे । पोष की काली सर्द रात की ठिठुरन मानो इस अंधेरी धुँध के साथ मिलकर प्रकाश के ख़िलाफ़ मानो साज़िशें रच रही हो । अंधेरा […]
  • A letter to Eve (45 days old puppy)
    ईव (Eve) मेरे 45 दिन का जर्मन शेफर्ड Pup पार्वो वायरस का शिकार हुआ है । रोज खेलने वाली ईव ने अचानक खेलना बन्द कर दिया । उसके आसपास जाने से जो काटने को दौड़ती थी उसने चहकना तक बन्द कर दिया । उसको इतनी पीड़ा सहते देख मेरी रूह को रोज़ाना चोट पहुँचती है […]
  • ईवा
    (Chapter -1) कितना ख़ूबसूरत नाम है ना ! जितना ख़ूबसूरत है उससे कहीं ज़्यादा ख़ूबसूरत तो मतलब है शायद । ईवा ! (Life) जब भी पूछे मुड़कर देखता हूँ तो कहीं ना कहीं याद आ जाती है । आज सालो बाद लिखना शुरू किया सोचा कि आप सभी भी जान लो उस ईवा को जिसे […]
  • घुमन्तू
    “घुमन्तू “ वो अनजाने रास्ते जो चन्द लम्हे चलने पर ओझल हो जाते है और तुम सिर्फ़ इस बात से कतराते हो की उस पार कि दुनिया बर्बर और भयानक होगी ………!! जहॉ हमारी शख़्सियत ओछी सी होगी जहॉ हमारे स्वाभिमान की तौहीन होगी जहॉ हमारा मुक़्क़दर खोटा होगा जहॉ हमारा सम्मान छोटा होगा ……..!! […]
  • बर्फ़बारी (Childhood in mountains ⛰)
    “बर्फ़बारी ” ~ Lalit Hinrek छिप गयी हरियाली सफ़ेद चादरों मे गुमसूमी है छायी चकोर , वानरों मे ठण्डी मे क्या खॉये बड़ा सवाल हो गया है ! चाय पकौड़ों मे दिल लपलपाये हो चला है सुबह से मॉ ने मेरे कान ढक दिये है ठण्डी की वजह से दस्ताने भी दिये है लेकिन उदण्डी […]
  • मुखौटे ~ Lalit Hinrek
    वक़्त ठहरता नही है और तुम्हारे सारे आवरण , मुखौटे धरे के धरे रह जाते है । इस तालाब के किनारे क्या ढूँढ रहे हो ? ये उजाले ?? ये परछाईं ही तो है , लौ जो जल रही है वो तो दिल मे है । आज वापस जाकर आइने के सामने खड़े हो जाना […]
  • चार सिपाही और चार कहानी
    आज सुबह से कुछ मूड सा ख़राब था तो निर्णय लिया कि कुछ युवा लड़कों को बुलवाकर गॉव मे पास की नदी मे जाकर यात्राऐ करेंगे और कुछ जीवन के अनुभवो को साझा करेंगे । चार लोग और हमारी चार कहानियॉ इस प्रकार से है उम्मीद करता हूँ आपको पसंद आएगी कहानी १. इन यात्राओं […]
  • कर्म (a moral story)
    (यह ऐक छोटी सी कहानी है जो बचपन की उन बेहतरीन कहानियों मे से ऐक है जिसने मेरे जीवन को बेहद प्रभावित किया है , इसको रचनात्मकता देने के लिये ऐक ताना बाना बुना गया है , उम्मीद है कि यह कहानी सदैव जिन्दा रहेगी – thelostmonk) सुदूर पहाड़ों की घाटी और यमुना नदी के […]
  • शायर मेरी नज़र से
    “शायर मेरी नज़र से” १. बहक जाने दे ऐ वतन तेरी मोहब्बत मे बस यही वो नशा है जो उतरता नही । २.   छुपा लेता है मुस्कुराकर हजारो गुप्तगू ना जाने कितना मर्म दफ़ॉ है सीने मे । ३.    उसकी निगाहों मे डूबे हो लाखों सवाल जैसे न जाने किसे ढूँढती है , […]
  • छोटा सा सपना
    “छोटा सा सपना “ वो आकाश उड़ता जहाज़ और तुम्हारा पायलट बनने का सपना बडे होकर फ़िज़िक्स की उन थ्योरिज और ज़िन्दगी की कॉम्पलीकेटेड उलझनों मे कहीं खो सा गया और तुम आगे निकल गये । होश आने पर जब सिस्टम समझ आया तो मन चंचल , कोमल हृदय को बरगलाता गया कि ज़िन्दगी की […]
  • दुविधा
    दुविधा — “lalit Hinrek” किसान गर्व से कहता था कि मैं अन्न दाता हूं , इस राष्ट्र की ताकत हूं , और भविष्य निर्माता हूं । पर किसान अपने पुत्रों को अब , ‘किसान’ देखना नही चाहता अपने खेतो की खुशबूओं को , लूटते देखना नही चाहता । वो बैलों की जोड़ी तो बस , […]
  • कुछ तो बदला है !
    वो बचपन पहाड़ों का बाघों की दहाड़ो का वो बारिश मे काग़ज़ की नावों का मिट्टी लगाये हर घावों का वो तस्वीर , घर मे लगे ताले की गॉव मे हर जर्जर माले की याद दिलाती है कि कुछ तो बदला है ? जो हर ऑगन सूना सूना है । वो लकड़ी के बण्डल , […]
  • क्या चाहता हूँ ?
    मेरी कहानियों में डूबा हुआ बस बेसुध सा होना चाहता हूँ । छू ले जो दिल के ज़ख़्मों को कोई वो शायर होना चाहता हूँ । ईश्क में इस क़दर खोना चाहता हूँ कि जैसे बस रोना चाहता हूँ । मिलती नहीं मंज़िल तो क्या हुआ ! राही हूँ , बस दीवाना होना चाहता हूँ […]
  • धारा
    मेरा नाम धारा है और ये मेरी कहानी है ।मैं ऐक मध्यम परिवार की लड़की हूँ । मेरा घर छोटे से शहर देहरादून मे है ।मेरे पिता बैंक मे नौकरी करते है और मॉ गृहिणी है । मेरा ऐक छोटा भाई है ।बचपन से परिवार मे लाड़ली रही हूँ । मेरे चचेरे भाईयों की भी […]
  • काबरू और धूंटू
    (काबरू और धूंटू मेरे  बैलों के नाम थे……किसी व्यक्ति या समूह से इनका कोई सम्बन्ध नही है) इतिहास की ओर चलकर देखते है जँहा ईमानदारी और वफादारी की पराकाष्ठा को “हीरा और मोती” नामक बैलों की जोड़ी से समझी जा सकती थी किन्तु जैसे जैसे समय व्यतीत होता गया , आधुनिकता के साथ-साथ मूल्य भी […]
  • पहाड़ों का बचपन
                                                               पहाड़ों का बचपन रात भर मीठी बारिश हो रखी है , आज खेतों की जुताई के लिये बडि़या दिन है , सुबह – सुबह राम के […]
  • प्रश्न
    “ प्रश्न “ – (The Question ) कुछअधुरे ख़्वाब तो होगें ? कुछ अधुरे सवाल तो होगे ? क्या है वो पल जिसके लिये तुम सारा ज़मीं ऑसमा ऐक कर सकते हो , क्या है वो पल जिसके लिये तुम हज़ार बार मर कर भी लड़ सकते हो ! सामने आइने के पुछ लो ये […]
  • A White Horse (story of a time)
    (यह ऐक छोटी सी कहानी है जो बहुत वर्षों पहले मेरे ऐक दोस्त ने मुझे सुनाई थी । वर्षों तक ज़ेहन मे रहने के बाद इस कहानी को आप सभी तक पहुँचा रहा हूँ । उम्मीद करूँगा की इसका असर आपको इसे और आगे पहुँचाने को मजबूर करेगा ) राम ऐक छोटे से क़सबे में […]
  • उड़ान
    उड़ान – ललित हिनरेक तुम equality कि बात करते हो तुम revolution कि बात करते हो तुम देशभक्ति कि बात करते हो और तुम बदलाव कि बात करते हो यहॉ तक कि तुम विकास की बात करते हो वो भी तब जब तुम सब सुविधा से संचित हो । मैंने क्या देखा कि तुमने तो […]
  • दोस्ती (A little story of friendship )
    मैंने इंजीनियरिंग में कुछ नहीं सीखा जिसका मुझे ताउम्र मलाल रहेगा । मैं और मेरे कुछ मित्र अपनी ब्रांच में सबसे कम मार्क्स लाने वालों में से थे और उनमें भी मैं लगभग सबसे पीछे था , ऐक आध ही मुझसे पीछे रहता होगा । मेरे दोस्तों में कई बेहद प्रतिभाशाली थे लेकिन उनके मार्क्स […]
  • अन्तर्द्वन्द
    नदी के किनारे एक पत्थर पर बैठकर तथा पॉव पानी मे डूबोऐ हुऐ , उसकी कल-कल बहती जलधारा को निहारते हुये बालक शान्त भाव मे मानो आत्म-मंथन मे डूबा हुआ प्रकृति के सौन्दर्यमयी स्वरूप को महसूस करने का प्रयास कर रहा हो । नदी की धारा एक विशाल पत्थर से टकराकर ऐक तालाब का निर्माण […]
  • मैं जाति हूँ (Castiesm )
    via मैं जाति हूँ (Castiesm )
  • मैं जाति हूँ (Castiesm )
    मैं ब्राह्मण हूँ , सर्वोच्च ज्ञानी हूँ वेदों का भिक्षु हूँ लेकिन मालिक हू ईश्वर के निर्देशों का । कालान्तर में तुम सब मानव में , सर्वोच्च कहलाऊँगा देवताओं से सीधे बात बस मैं ही कर पाऊँगा । तुम सब बलवानो को राजपाट का , सौभाग्य दिलवाऊँगा कमज़ोरों से पूर्व जन्म के पापों को धुलवाऊंगा […]
  • The Journey Begins
    Thanks for joining me! Good company in a journey makes the way seem shorter. — Izaak Walton